लौट आओ

लौट आओ  एक बार फिर

लौट आओ हमारे लिए

बस एक बार

देखो क्या से क्या हो गया

जीवन बिखर गया तुम्हारे जाते ही

जो कभी सोचा न था

वो हो रहा है

लौट आओ  न एक बार फिर

जरुरत है मुझे तुम्हारी

तुम्हारे  सहारे की

तुम्हारे प्यार की

तुम्हारे दुलार की

अब नहीं रहा जाता तुम्हारे बिना

रातें निकल जाती है तुम्हारे इंतज़ार में

समझ नहीं आता

कैसे  समझाऊ अपने दिल को

कैसे मनाउ उसे

वो तोह बस

तुम्हारा इंतज़ार करता रहता है

जरा भी नहीं सोचा तुमने मेरे बारे में

कैसे निभायेगी यह नन्ही जान

इतनी जिम्मेदारियों का बोझ

जो तुम छोड़ गए हो उस पर

लौट आओ न

एक बार मेरे लिए

बस एक बार

तुमसे मिलना चाहता है ये दिल

तुम्हे गले से लगाना चाहता है

वही पुराना बचपन का प्यार महसूस करना चाहता है

लौट आओ न

PS:- these lines are dedicated to my dad whom i miss a lot and want him back and want to feel his love once.

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