नयी जिंदगी , नया सवेरा

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सुनो ,
तुम्हे पता है आज बहुत खुश हूँ मैं। इतनी की शायद पिछले तीन बरस में भी नहीं हुई। क्या करू,  बात ही ऐसी है। समझ ही नहीं आ रहा कि कही बाहर दोस्तों के साथ पार्टी करू या   घर पर ही पिज़्ज़ा की होम डिलीवरी करवाउ , वो भी चीज़ बर्स्ट  वाला पिज़्ज़ा ।
तुम्हे वो हमारी पुरानी बात याद है क्या जो मैं रोज़ तुमसे कहा करती थी जब तुम उदास हुआ करती थी  , ” सबके दिन एक जैसे नहीं रहते , हमारा भी सवेरा होगा, हमारा भी समय आएगा “

देखो आज वो सवेरा हो रहा है। सूरज ने अपनी किरणें किरणे खोल हमारी जिंदगी में दस्तक देनी शुरू कर दी है और अपनी जिंदगी में वो रौशनी महसूस होने लगी है मुझे। बहुत खुश हूँ मैं आज।
तुम जानना नहीं चाहती मेरी ख़ुशी की वजह?

उफ़, मैं भी कितनी बेवक़ूफ़ हूँ, भूल गयी की किसे पूछ रही हूँ । तुम तो खुद मेरा आधा हिस्सा हो, तुम्हे कुछ बताने की जरूरत नहीं है मुझे , तुम तोह सब कुछ पहले से ही जानती हो।

तोह अब बताओ, क्या कहोगी  इस पूरे मसले पर।

खुश हो न तुम भी। जिस दिन का तुम और मैं बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे , उसकी शुरुआत हो चुकी है।
अभी तोह ट्रेलर आया है, पिक्चर   तोह अब  शुरू होगी मेरी जान। आओ,  तुम भी जल्दी काम निपटा कर, फिर हम दोनों ठीक उसी तरह हाथो में हाथ डाल कर , अपने पुराने टेप में अपने पसंदीदा गाने बजा कर आनंद लेंगे इस पिक्चर का।

वैसे तोह क्या है न की एक बात तुमने मुझे हमेशा सिखाई है- “किसी भी व्यक्ति के संकट के समय में उसकी मजबूरी का मजाक नहीं बनाना चाहिए।”  और सौ प्रतिशत सहमत भी हूँ तुम्हारी इस बात से।

पर क्या है न की आज का जो मसला है आज का मसला थोड़ा अलग है ।आज भी याद है मुझे वो दिन जब तुम दर्द में थी , तकलीफ में थी और ये लोग हँस रहे थे तुम पर। कैसे भूल सकती हूँ मैं वो रात , जब तुम्हारा घरोंदा जल रहा था और तुम इन्ही लोगो से मदद की गुहार लगा रही थी और किसी ने तुम्हे दरवाजा नहीं खोला , किसी ने तुम्हारी मदद नहीं की।
कैसे भूल सकती हूँ मैं वो रात।जब तुम्हारा पति आधी रात को लोगो के दरवाजे खटखटा रहा ठाट और किसी ने उसकी नहीं सुनी और लोग सुनते भी क्यों।  जब उसके घरवाले ही उसका घर जल रहे थे तोह कोई और बीच में क्यों पड़ेगा।

कैसे भूल जाऊ मैं वो मेरा बचपन ? जैसे एक गमले में नया पौधा लगते है गुलाब का और हौले हौले उसमे से गुलाब की कली खिलती है तोह कितना सुकून मिलता है दिल को। मेरा बचपन भी उस गुलाब की कली सा ही था जिसका इन लोगो ने फूल बनने से पहले ही गाला घोंट दिया।
कैसे भूल जाऊ अपना बचपन। वो बचपन जिस पर ख़ुशी कम और दर्द की दास्तान ज्यादा लिखी हुई है।
नहीं। न मैं भूल सकती हूँ और न ही तुम भूल सकती हो । कैसे एक ही पल में हमारी  हस्ती उजाड़ दी थी इन्ही लोगो ने।  कान्हा किसी के साथ नाइंसाफी नहीं करते है

देखो , आज देखो जब हमारे  पास खोने को कुछ नहीं है , तब ये खेल शुरू हुआ है।

इतिहास फिर से दस्तक दे रहा है , समय पलट रहा है। कल जो समय किसी और के हक़ में था, आज वही समय हमारे हक़ में है। पहले कोई और हमारी तकलीफ को देख कर मज़ा लेता था। आज हम उन्ही लोगो को तकलीफ में देख कर मज़ा लेंगे. देखो आज इन्ही लोगो का घरोंदा जल रहा है ठीक उसी तरह जिस तरह इन ज़ालिमों ने हमारा छोटा सा प्यार भरा घरोंदा जलाया था कुछ बरस पहले। तब किसी ने ये नहीं सोचा की कहा जाओगी तुम अपनी नन्ही सी जान को लेकर।  कैसे पालोगी इस अनजान शहेर में अपनी नन्ही कली को।
जलने दो इनको भी इस आग में। पता तोह चले की किसी को सताना  कैसा होता है , दुःख में ररहना कैसा होता है। तुम्हार्री एक-एक तकलीफ का हिसाब होगा, देखना तुम। और मैं साक्षी बनूँगी इसकी। मेरी आँखें साक्षी होंगी इस पुरे मसले की , मेरा दर्द , मेरे आंसू सब साक्षी बनेंगे।

समय भले ही बीत गया हो पर वो जख्म आज भी हरे है मेरे ज़हन में। तुम तोह बहुत दानवीर हो।  तुमने तोह अपने इश्वर पर छोड़ दिया सब कुछ।  पर मैं तुम जैसी नहीं हूँ।  इसलिए मैं मज़ा लुंगी इस आग का।  जैसे जैसे आग की लपटे इनके घर को  जलायेगी , वैसे वैसे मेरा दर्द भी कम होगा।

खैर छोड़ो  इन सब को।  और हम कर भी क्या सकते है।  मदद हम करेंगे नहीं इन की तोह हम और क्या कर सकते है मज़ा लेने के सिवाय । जैसी करनी वैसी भरणी

आओ,  तुम और मैं मज़ा ले इस पिक्चर का।
अरे सुनती हो, आते टाइम वो ज़रा एक्ट 2 वाले दो मिनट में बनने वाले मसालेदार चटपटे पॉपकॉर्न भी बना कर लेती आना। तुम्हे तोह पता ही है , पॉपकॉर्न के बिना मुझे मज़ा नहीं आता । और,  और सुनो,  साथ में मेरा फ़ोन भी लेती आना एक चीज़ बर्स्ट वाला पिज़्ज़ा भी हो ही जाए आर्डर कर ही देती हूँ  ।

जिंदगी बदल रही है किस्मत बदल रही है जनाब ,
पहले हम शिकार थे जिस तकलीफ के ,
अब तुम शिकार हो उसी तकलीफ के  ।
खैर, हमे तोह हमारे कान्हा ने बचा लिए
तुम्हे कौन बचाएगा

दिल थाम के रखना मेरे दोस्त
जिंदगी में सबका दिन आता है।

वाह रे मेरे कान्हा , दिल खुश कर दिए तूने आज

खैर, हम तोह चले मज़ा लेने
आप में से कोई और आना चाहता है तोह बेशक आ जाइए जनाब
ऐसा मौका फिर कभी नहीं मिलेगा
जब कान्हा खुद किसी को सजा देने आएँगे

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